- भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस का सीधा सरकार पर आरोप
- 2 से 9 अप्रैल तक सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं
पश्चिम बंगाल में राम नवमी के आयोजन को लेकर सियासी घमासान मचा है। ममता बनर्जी सरकार और बीजेपी आमने-सामने है। इधर विश्व हिंदू परिषद ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका कर दी है। वीएची ने बांकुरा के सालतोरा में राम नवमी पर जुलूस निकालने की अनुमति मांगी है। सालतोरा एक आदिवासी इलाका है। पहले, जिला पुलिस ने जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी थी। जस्टिस तीर्थंकर घोष की बेंच ने VHP की याचिका स्वीकार कर ली है। इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई होगी। VHP का कहना है कि जिला पुलिस ने उन्हें सालतोरा में जुलूस निकालने की अनुमति इसलिए नहीं दी, क्योंकि उसी दिन, 6 अप्रैल को, उसी जगह पर दूसरे जुलूस भी होने हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पश्चिम बंगाल इकाई का कहना है कि जुलूस प्रशासनिक नियमों के अनुसार ही निकाले जाएंगे। नियमों को तोड़ने का कोई सवाल ही नहीं उठता। राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए। यह सब तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा के एक बयान के बाद हुआ। मदन मित्रा ने कहा कि अगर कोई रामनवमी के त्योहार पर तनाव पैदा करने की कोशिश करेगा, तो वह पिटे बिना घर नहीं लौट पाएगा। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि अपनी ताकत दिखाने के लिए रामनवमी का दिन न चुनें। मदन मित्रा के इस बयान पर बीजेपी के पूर्व लोकसभा सदस्य दिलीप घोष ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता सीधे खड़े होना सीखें, फिर ऐसी चुनौती दें। उन्होंने कहा कि मैं भी देखूंगा कि मुझे कौन घर में रहने के लिए मजबूर कर सकता है। बंगाल में बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और लोकसभा के पूर्व सदस्य दिलीप घोष ने पुलिस पर एक आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस रामनवमी के त्यौहार को लेकर लोगों में बेवजह डर फैला रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने 2 से 9 अप्रैल तक सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। सिर्फ इमरजेंसी में ही छुट्टी मिलेगी। दिलीप घोष ने कहा कि पुलिस का यह फैसला गैरजरूरी है। दिलीप घोष ने कहा कि ऐसे डराने वाले फैसले सिर्फ हिन्दू त्योहारों के समय ही लिए जाते हैं। पुलिस को उन लोगों पर ध्यान देना चाहिए जो परेशानी खड़ी करते हैं। हिन्दू तो शांति से अपने धार्मिक काम करते हैं। दुर्गा पूजा में लाखों लोग आते हैं, कोई झगड़ा नहीं होता। सत्ताधारी पार्टी की आदत हो गई है कि वो डर और तनाव पैदा करे। उन्होंने यह भी कहा कि रामनवमी के जुलूस में कोई गड़बड़ नहीं होगी, अगर पुलिस उन लोगों को सख्ती से संभाले जो इस मौके पर तनाव फैलाना चाहते हैं। पुलिस के दो बड़े अफसरों ने मीडिया को बताया था कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ लोग आने वाले दिनों में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उनका निशाना रामनवमी का त्योहार हो सकता है। अतिरिक्त महानिदेशक सुप्रतिमा सरकार ने कहा कि कुछ लोग पोस्टर या पोस्ट के जरिए लोगों को भड़काने की योजना बना रहे हैं। पुलिस अलर्ट है। अलग-अलग समुदायों के लोगों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश हो सकती है, खासकर रामनवमी के मौके पर। हमने लोगों से अपील की है कि वो भड़कावे में न आएं। डरने की कोई बात नहीं है। लेकिन साथ ही, हम लोगों से यह भी कह रहे हैं कि अगर उन्हें अपने इलाके में कोई भी शक वाली चीज दिखे तो वे तुरंत पुलिस को बताएं।वहीं, अब विपक्षी बीजेपी ने ऐलान करके राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टेंशन बढ़ा दी है। दरअसल, भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के सीनियर नेता शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि छह अप्रैल को राज्य भर में आयोजित होने वाली रामनवमी रैलियों में करीब डेढ़ करोड़ हिंदू हिस्सा लेंगे। मध्य कोलकाता में बीजेपी दफ्तर के बाहर भाजपा युवा मोर्चा की रैली में अधिकारी ने हिंदुओं से आग्रह किया कि वे अपने घरों से बाहर निकलें और शोभायात्राओं में शामिल होकर 'जय श्रीराम' के नारे को बुलंद करें उन्होंने कहा, 'रामनवमी के पवित्र दिन कम से कम डेढ़ करोड़ हिंदू सड़कों पर उतरेंगे। कृपया घर पर बेकार न बैठें। अपनी ताकत दिखाएं.' दिखाएं कि हिंदू एकजुट हैं. यह स्वामी विवेकानंद, स्वामी रामकृष्ण और मां शारदा की धरती है। हम शांतिपूर्वक रामनवमी मनाएंगे.।
अधिकारी ने माकपा पर साधा निशाना : अधिकारी ने पहले कहा था कि करीब 2,000 रैलियों में एक करोड़ हिंदू हिस्सा लेंगे, लेकिन बुधवार को उन्होंने यह आंकड़ा संशोधित कर डेढ़ करोड़ बताया. रामनवमी रैलियों का विरोध करने पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, 'माकपा को हिंदू हितों और पहचान की रक्षा करने में कोई दिलचस्पी नहीं है; वे जमीनी हकीकत से अलग-थलग हैं।
बंगाल की सियासी माकपा गायब हो जाएगी: अधिकारी
उन्होंने रामनवमी समारोह का विरोध करते हुए फलस्तीन के मुद्दे पर रैली आयोजित करने के लिए माकपा की आलोचना की. अधिकारी ने कहा, 'पिछले चुनावों में शून्य सीट हासिल करने वाली माकपा जल्द ही बंगाल की सियासी मंजरनानमे से गायब हो जाएगी। भाजपा ने ममता बनर्जी ने साधा निशाना:
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी द्वारा भाजपा को 'भारतीय जुमला पार्टी' कहे जाने की निंदा करते हुए अधिकारी ने कहा, 'उन्होंने न केवल बंगाल से विधानसभा और संसद में निर्वाचित भाजपा प्रतिनिधियों का अपमान किया है, बल्कि पिछले आम चुनाव में भाजपा का समर्थन करने वाले 2.33 करोड़ वोटर्स का भी अपमान किया है। वक्फ बिल पर क्या बोले अधिकारी
संसद में पेश किए गए वक्फ (अमेंडमेंट) बिल के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने आरोप लगाया, 'तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई नेता आम मुसलमानों की इच्छा के खिलाफ वक्फ भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। हम उन आम मुसलमानों के साथ खड़े हैं जो टीएमसी नेताओं से उत्पीड़न का सामना कर रहे है।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति मुस्लिम महिलाओं के समर्थन पर भी रौशनी डाला और उनके उत्थान के लिए उठाए गए सुधारात्मक कदमों का हवाला दिया। ( कोलकाता से अशोक झा )
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